Sunday, July 12, 2009

शुरू में एक प्रार्थना


प्रार्थना

ईश्वर
मेरे दोस्त,
मेरे पास आ!
यहाँ बैठ,
बीड़ी पिलाऊंगा
चाय पीते हैं।
बहुत दिनों बाद फ्री हूं
तुम्हारी गोद में सोऊंगा
तुम मुझे परियों की कहानी सुनाना
फिर न जाने कब फुरसत होगी?
अजेय - 1992

5 comments:

  1. इस पहली पोस्ट के साथ आपका स्वागत अजेय भाई।

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  2. इस दिव्य बीड़ी की तलाश शायद यहाँ ले आई है.

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  3. अच्‍छा किया आ गए. बीड़ी पिओ.

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  4. gharsangi d' shangmeJuly 29, 2009 at 6:21 AM

    gharsangi d'shangme said

    a great spot to vent out your angst against
    everything around you. I wish you tons of creative clairvoyance. kudos.

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